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पद विहार के दौरान शीतलहर में भी कठिन साधना में संलग्न समस्त आचार्य संघ।

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पद विहार के दौरान शीतलहर में भी कठिन साधना में संलग्न समस्त आचार्य संघ।

दिगंबर संत अनवरत साधना युक्त सक्रिय कठिन तपस्या के साथ दिनचर्या व्यतीत करते हैं।

खंडवा से विहार करते हुए आचार्य संघ का मंगल प्रवेश आज होगा बुरहानपुर में।

खंडवा। साधु संत चलते-फिरते तीर्थ के समान होते हैं। विहार के साथ ही शहर और गांव में रुक कर धर्म प्रभावना भी करते हैं। सर्व विदीत हें की जैन साधु संतो की तपस्या काफी कठिन होती है। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि दिगंबर जैन साधु संत चातुर्मास के दिनों को छोड़कर पूरे आठ माह भिषण ठंड, तेज गर्मी में पैदल चलकर विहार करते हैं, 24 घंटे में सिर्फ एक ही बार अन्न जल ग्रहण करते हैं। दादाजी की नगरी खंडवा में 21 दिवस की शीतकालीन वाचना के तहत अद्भुत धर्म प्रभावना, धार्मिक अनुष्ठान के उपरांत आचार्य विभव सागर महामुनि राज, समस्त संघ सहित बुरहानपुर की ओर विहार कर रहे हैं। संघ की धार्मिक कक्षाएं भी विहार में भी संचालित हैं। उक्त जानकारी देते हुए समाज के सचिव सुनील जैन एवं आनंद कुमार जैन ने बताया दिगंबर संत साधना युक्त सक्रिय दिनचर्या व्यतीत करते हैं ।जिसमें सामायिक,प्रतिक्रमण, शास्त्र स्वाध्याय, निरंतर मंत्र जाप एवं ज्ञान सम्मिलित है। यह दिनचर्या स्वत सकारात्मकता का संदेश प्रदान करती है। मुनी सेवा समिति के प्रचार मंत्री सुनील जैन प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि भीषण शीतलहर के बावजूद अचार्य संघ प्रतिदिन 15 से 20 किलोमीटर पैदल चलकर बुरहानपुर की ओर आगे बढ़ रहे हैं। 3 जनवरी शनिवार की आहारचर्या असीरगढ़ में संपन्न हुई। शनिवार को रात्रि विश्राम बृजमोहन मिश्रा कॉलेज में हुआ। 4 जनवरी रविवार को प्रातः काल आचार्य संघ का प्रवेश बुरहानपुर नगरी में होगा। खंडवा नगर से समिति के पदाधिकारी एवं भक्तजन आहार विहार एवं निहार में समय-समय पर अपना सहयोग प्रदान कर स्वयं को धन्य मान रहे हैं। पद बिहार के दौरान आचार्य श्री समाधि भक्ति के विभिन्न काव्य की रचना भी करते चलते हैं। अपने धर्म उपदेश के माध्यम से समस्त संघ आध्यात्मिक शिक्षा के साथ-साथ अनुभव परक शिक्षा भी प्रदान करता है। तेज ठंड एवं कोहरे के बीच यह साधना जन सामान्य के लिए आश्चर्य का विषय है।

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